कैसे कहे तुमसे क्या चाहते है हमारी
रहते हो तुम दूर लेकर जान हमारी
तुम बिन दिन सूने और रात वीरान है हमारी
मनो या न मनो दिल के धड़कन में अब धड़कन नहीं हमारी|
रहते हो तुम दूर लेकर जान हमारी
तुम बिन दिन सूने और रात वीरान है हमारी
मनो या न मनो दिल के धड़कन में अब धड़कन नहीं हमारी|
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